Skip to main content

अष्टाध्यायी 1.2.23

🔥 *नोपधात् थफान्ताद् वा।1.2.23*
🔥 अनुवृत्ति: - सेट् कित् न।
🔥   अर्थ: नकार यस्मिन् उपधा स नोपध। तस्मात्- नोपधात्। थश्च फश्च तौ थफौ। थफावन्ते यस्य स थफान्तः।  तस्मात् -थफान्तात्।
नोपधात् थफान्ताद् सेट् क्त्वा प्रत्ययो विकल्पने किद्वद् न भवति। 
🔥 आर्यभाषा: नकार जिसकी उपधा में हो वह नोपध। और थकार(थ) जिसके अन्त में तो वह थन्त। तथा फन्त। तथा दोनों अन्त वाले थफान्त।  तो नोपध व थकारान्त और फकारान्त धातु से परे इट् आगमवाला क्त्वा प्रत्यय विकल्प से किद्वद् नहीं होता। 
🔥 उदाहरण: - ग्रन्थित्वा। ग्रथित्वा। (ग्रन्थ संदर्भे , क्र्यादिगण)

Comments

Popular posts from this blog

लोप प्रकरण

*लोपः प्रकरणः*:- *अदर्शनं लोपः* १.१.५९ *प्रत्ययस्य लुक्श्लुलुपः* १.१.६० *प्रत्ययलोपे प्रत्ययलक्षणम्* १.१.६१ *न लुमताsङ्गस्य* १.१.६२ अर्थ :- अदर्शन , अनुच्चारण की लोप संज्ञा है। अर्था...

अष्टाध्यायी सूत्र प्रकार

🔥 *अष्टाध्याय्याः सूत्राणां विभागाः* अष्टाध्यायी में सभी सूत्र सात प्रकार के हैं:- संज्ञापरिभाषाविधिनिषेधनियमातिदेशाधिकाराख्यानि सप्तविधानि सूत्राणि भवन्ति। 1. *स...

एध धातु आत्मनेपदी

🔥 एधँ वृद्धौ , भ्वादि गण, उदात्त, अनुदात्त(आत्मनेपदी) 1. *लट् लकार* एधते, एधेते , एधन्ते।  एधसे, एधेथे , एधध्वे। एधे, एधावहे , एधामहे। 2. *लिट् लकार* एधाञ्चक्रे , एधाञ्चक्राते , एधाञ्चक...