🔥 *व्याङ्परिभ्यो रमः।1.3.83*
🔥 प वि:- वि-आङ्-परिभ्यः 5.3। रमः 5.1।
🔥 अर्थ: - वि-आङ्-परि-उपसर्गपूर्वक रम् धातु से कर्तृवाच्य में परस्मैपद होता है।
🔥 उदाहरण: - *विरमति।* ठहरता है।
*लोपः प्रकरणः*:- *अदर्शनं लोपः* १.१.५९ *प्रत्ययस्य लुक्श्लुलुपः* १.१.६० *प्रत्ययलोपे प्रत्ययलक्षणम्* १.१.६१ *न लुमताsङ्गस्य* १.१.६२ अर्थ :- अदर्शन , अनुच्चारण की लोप संज्ञा है। अर्था...
Comments
Post a Comment