🔥 *प्रत्ययः।* 3.1.1।
प वि:- प्रत्ययः 1.1।
अर्थ: - प्रत्ययः इति अधिकारो अयम् आ पञ्चमाध्यायपरिसमाप्तेः।
आर्यभाषा:- प्रत्यय यह अधिकार है। इसके आगे जो कहेंगे उनकी प्रत्यय संज्ञा जाननी चाहिये , प्रकृति, आगम,उपाधि, विकार को छोड़कर।
उदाहरण:- तव्यत्, तव्य, अनीयर्, सन् इत्यादि।
*लोपः प्रकरणः*:- *अदर्शनं लोपः* १.१.५९ *प्रत्ययस्य लुक्श्लुलुपः* १.१.६० *प्रत्ययलोपे प्रत्ययलक्षणम्* १.१.६१ *न लुमताsङ्गस्य* १.१.६२ अर्थ :- अदर्शन , अनुच्चारण की लोप संज्ञा है। अर्था...
Comments
Post a Comment